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1 Chronicles 1 इतिहास

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1 इसके बाद अम्मोनियोंका राजा नाहाश मर गया, और उसका पुत्र उसके स्यान पर राजा हुआ।
2 तब दाऊद ने यह सोचा, कि हानून के पिता नाहाश ने जो मुझ पर प्रीति दिखाई यी, इसलिथे मैं भी उस पर प्रीति दिखाऊंगा। तब दाऊद ने उसके पिता के विषय शांति देने के लिथे दूत भेजे। और दाऊद के कर्पचारी अम्मोनियोंके देश में हानून के पास उसे शांति देने को आए।
3 परन्तु अम्मोनियोंके हाकिम हानून से कहने लगे, दाऊद ने जो तेरे पास शांति देनेवाले भेजे हैं, वह क्या तेरी समझ में तेरे पिता का आदर करने की मनसा से भेजे हैं? क्या उसके कर्मचारी इसी मनसा से तेरे पास नहीं आए, कि ढूंढ़-ढांढ़ करें और नष्ट करें, और देश का भेद लें?
4 तब हानून ने दाऊद के कर्मचारियोंको पकड़ा, और उनके बाल मुड़वाए, और आधे वस्त्र अर्यात्‌ नितम्ब तक कटवाकर उनको जाने दिया।
5 तब कितनोंने जाकर दाऊद को बता दिया, कि उन पुरुषोंके साय कैसा बर्ताव किया गया, सो उस ने लोगोंको उन से मिलने के लिथे भेजा क्योंकि वे पुरुष बहुत लजाते थे। और राजा ने कहा, जब तक तुम्हारी दाढिय़ां बढ़ न जाएं, तब तक यरीहो में ठहरे रहो, और बाद को लौट आना।
6 जब अम्मोनियोंने देखा, कि हम दाऊद को घिनौने लगते हैं, तब हानून और अम्मोनियोंने एक हजार किक्कार चांदी, अरम्नहरैम और अरम्माका और सोबा को भेजी, कि रय और सवार किराथे पर बुलाएं।
7 सो उन्होंने बत्तीस हजार रय, और माका के राजा और उसकी सेना को किराथे पर बुलाया, और इन्होंने आकर मेदबा के साम्हने, अपके डेरे खड़े किए। और अम्मोनी अपके अपके नगर में से इकट्ठे होकर लड़ने को आए।
8 यह सुनकर दाऊद ने योआब और शूरवीरोंकी पूरी सेना को भेजा।
9 तब अम्मोनी निकले और नगर के फाटक के पास पांति बान्धी, और जो राजा आए थे, वे उन से अलग मैदान में थे।
10 यह देखकर कि आगे पीछे दोनोंओर हमारे विरुद्ध पांति बन्धी हैं, योआब ने सब बड़े बड़े इस्राएली वीरोंमें से किततोंको छांटकर अरामियोंके साम्हने उनकी पांति बन्धाई;
11 और शेष लोगोंको अपके भाई अबीशै के हाथ सौंप दिया, और उन्होंने अम्मोनियोंके साम्हने पांति बान्धी।
12 और उस ने कहा, यदि अरामी मुझ पर प्रबल होने लगें, तो तू मेरी सहाथता करना; और यदि अम्मोनी तुझ पर प्रबल होने लगें, तो मैं तेरी सहाथता करूंगा।
13 तू हियाब बान्ध और हम सब अपके लोगोंऔर अपके परमेश्वर के नगरोंके निमित्त पुरुषार्य करें; और यहोवा जैसा उसको अच्छा लगे, वैसा ही करेगा।
14 तब योआब और जो लोग उसके साय थे, अरामियोंसे युद्ध करने को उनके साम्हने गए, और वे उसके साम्हने से भागे।
15 यह देखकर कि अरामी भाग गए हैं, अम्मोनी भी उसके भाई अबीशै के साम्हने से भागकर नगर के भीतर घुसे। तब योआब यरूशलेम को लौट आया।
16 फिर यह देखकर कि वे इस्राएलियोंसे हार गए हैं अरामियोंने दूत भेजकर महानद के पार के अरामियोंको बुलवाया, और हदरेजेर के सेनापति शोपक को अपना प्रधान बनाया।
17 इसका समाचार पाकर दाऊद ने सब इस्राएलियोंको इकट्ठा किया, और यरदन पार होकर उन पर चढ़ाई की और उनके विरुद्ध पांति बन्धाई, तब वे उस से लड़ने लगे।
18 परन्तु अरामी इस्राएलियोंसे भागे, और दाऊद ने उन में से सात हजार रयियोंऔर चालीस हजार प्यादोंको मार डाला, और शोपक सेनापति को भी मार डाला।
19 यह देखकर कि वे इस्राएलियोंसे हार गए हैं, हदरेजेर के कर्मचारियोंने दाऊद से संधि की और उसके अधीन हो गए; और अरामियोंने अम्मोनियोंकी सहाथता फिर करनी न चाही।

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