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Isaiah - यशायाह
अध्याय :
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1
उस समय सात स्त्रियां एक पुरूष को पकड़कर कहेंगी कि रोटी तो हम अपक्की ही खाएंगी, और वस्त्र अपके ही पहिनेंगी, केवल हम तेरी कहलाएं; हमारी नामधराई को दूर कर।।
2
उस समय इस्राएल के बचे हुओं के लिथे यहोवा का पल्लव, भूषण और महिमा ठहरेगा, और भूमि की उपज, बड़ाई और शोभा ठहरेगी।
3
और जो कोई सिय्योन में बचा रहे, और यरूशलेम में रहे, अर्यात् यरूशलेम में जितनोंके नाम जीवनपत्र में लिखे हों, वे पवित्र कहलाएंगे।
4
यह तब होगा, जब प्रभु न्याय करनेवाली और भस्म करनेवाली आत्मा के द्धारा सिय्योन की स्त्रियोंके मल को धो चुकेगा और यरूशलेम के खून को दूर कर चुकेगा।
5
तब यहोवा सिय्योन पर्वत के एक एक घर के ऊपर, और उसके सभास्यनोंके ऊपर, दिन को तो धूंए का बादल, और रात को धधकती आग का प्रकाश सिरजेगा, और समस्त विभव के ऊपर एक मण्डप छाया रहेगा।
6
वह दिन को घाम से बचाने के लिथे और आंधी-पानी और फड़ी में एक शरण और आड़ होगा।।
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