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Jeremiah - यिर्मयाह
अध्याय :
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1
यहोवा ने योंकहा, तू जाकर कुम्हार से मिट्टी की बनाई हुई एक सुराही मोल ले, और प्रजा के कुछ पुरनियोंमें से और याजकोंमें से भी कुछ प्राचीनोंको साय लेकर,
2
हिन्नोमियोंकी तराई की ओर उस फाटक के निकट चला जा जहां ठीकरे फेंक दिए जाते हैं; और जो वचन मैं कहूं, उसे वहां प्रचार कर।
3
तू यह कहना, हे यहूदा के राजाओ और यरूशलेम के सब निवासियो, यहोवा का वचन सुनो। इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा योंकहता है, इस स्यान पर मैं ऐसी विपत्ति डालने पर हूँ कि जो कोई उसका समाचार सुने, उस पर सन्नाटा छा जाएगा।
4
क्योंकि यहां के लोगोंने मुझे त्याग दिया, और इस स्यान में दूसरे देवताओं के लिथे जिनको न तो वे जानते हैं, और न उनके पुरखा वा यहूदा के पुराने राजा जानते थे धूप जलाया है और इसको पराया कर दिया है; और उन्होंने इस स्यान को निदॉषोंके लोहू से भर दिया,
5
और बाल की पूजा के ऊंचे स्यानोंको बनाकर अपके लड़केबालोंको बाल के लिथे होम कर दिया, यद्यपि मैं ने कभी भी जिसकी आज्ञा नहीं दी, न उसकी चर्चा की और न वह कभी मेरे मन में आया।
6
इस कारण यहोवा की यह वाणी है कि ऐसे दिन आते हैं कि यह स्यान फिर तोपेत वा हिन्नोमियोंकी तराई न कहलाएगा, वरन घात ही की तराई कहलाएगा।
7
और मैं इस स्यान में यहूदा और यरूशलेम की युक्तियोंको निष्फल कर दूंगा; और उन्हें उनके प्राणोंके शत्रुओं के हाथ की तलवार चलवाकर गिरा दूंगा। उनकी लोयोंको मैं आकाश के पझियोंऔर भूमि के जीवजन्तुओं का आहार कर दूंगा।
8
और मैं इस नगर को ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इसे देखकर डरेंगे; जो कोई इसके पास से होकर जाए वह इसकी सब विपत्तियोंके कारण चकित होगा और घबराएगा।
9
और घिर जाने और उस सकेती के समय जिस में उनके प्राण के शत्रु उन्हें डाल देंगे, मैं उनके बेटे-बेटियोंका मांस उन्हें खिलाऊंगा और एक दूसरे का भी मांस खिलाऊंगा।
10
तब तू उस सुराही को उन मनुष्योंके साम्हने तोड़ देना जो तेरे संग जाएंगे,
11
और उन से कहना, सेनाओं का यहोवा योंकहता है कि जिस प्रकार यह मिट्टी का बासन जो टूट गया कि फिर बनाया न जा सके, इसी प्रकार मैं इस देश के लोगोंको और इस नगर को तोड़ डालूंगा। और तोपेत नाम तराई में इतनी कब्रें होंगी कि क़ब्र के लिथे और स्यान न रहेगा।
12
यहोवा की यह वाणी है कि मैं इस स्यान और इसके रहनेवालोंके साय ऐसा ही काम करूंगा, मैं इस नगर को तोपेत के समान बना दूंगा।
13
और यरूशलेम के घर और यहूदा के राजाओं के भवन, जिनकी छतोंपर आकाश की सारी सेना के लिथे धूप जलाया गया, और अन्य देवताओं के लिथे तपावन दिया गया है, वे सब तोपेत के समान अशुद्ध हो जाएंगे।
14
तब यिर्मयाह तोपेत से लौटकर, जहां यहोवा ने उसे भविष्यद्वाणी करने को भेजा या, यहोवा के भवन के आंगन में खड़ा हुआ, और सब लोगोंसे कहने लगा;
15
इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा योंकहता हे, देखो, सब गांवोंसमेत इस नगर पर वह सारी विपत्ति डालना चाहता हूँ जो मैं ने इस पर लाने को कहा है, क्योंकि उन्होंने हठ करके मेरे वचन को नहीं माना है।
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