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Jeremiah - यिर्मयाह
अध्याय :
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1
अम्मोनियोंके विषय यहोवा योंकहता है, क्या इस्राएल के पुत्र नहीं हैं? क्या उसका कोई वारिस नहीं रहा? फिर मल्काम क्योंगाद के देश का अधिक्कारनेी हुआ? और उसकी प्रजा क्योंउसके नगरोंमें बसने पाई है?
2
यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आनेवाले हैं, कि मैं अम्मोनियोंके रब्बा नाम नगर के विरुद्व युद्व की ललकार सुनवाऊंगा, और वह उजड़कर खण्डहर हो जाएगा, और उसकी बस्तियां फूंक दी जाएंगी; तब जिन लोगोंने इस्राएलियोंके देश को अपना लिया है, उनके देश को इस्राएली अपना लेंगे, यहोवा का यही वचन है।
3
हे हेशबोन हाथ-हाथ कर; क्योंकि थे नगर नाश हो गया। हे रब्बा की बेटियो चिल्लाओ ! और कमर में टाट बान्धो, छाती पीटती हुई बाड़ोंमें इधर उधर दौड़ो ! क्योंकि मल्काम अपके याजकोंऔर हाकिमोंसमेत बंधुआई में जाएगा।
4
हे भटकनेवाली बेटी ! तू अपके देश की तराइयोंपर, विशेष कर अपके बहुत ही अपजाऊ तराई पर क्योंफूलती है? तू क्योंयह कहकर अपके रखे हुए धन पर भरोसा रखती है, कि मेरे विरुद्व कौन चढ़ाई कर सकेगा?
5
प्रभु सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, देख, मैं तेरे चारोंओर के सब रहनेवालोंकी ओर से तेरे मन में भय उपजाने पर हूँ, और तेरे लोग अपके अपके साम्हने की ओर ढकेल दिए जाएंगे; और जब वे मारे मारे फिरेंगे, तब कोई उन्हें इकट्ठा न करेगा।
6
परन्तु उसके बाद मैं अम्मोनियोंको बंधुआई से लौटा लाऊंगा; यहोवा की यही वाणी है।
7
एदोम के विषय, सेनाओं का यहोवा योंकहता है, क्या तेमान में अब कुछ बुद्वि नहीं रही? क्या वहां के ज्ञानियोंकी युक्ति निष्फल हो गई? क्या उनकी बुद्वि जाती रही है?
8
हे ददान के रहनेवालो भागो, लौट जाओ, वहां छिपकर बसो ! क्योंकि जब मैं एसाव को दण्ड देने लगूंगा, तब उस पर भारी विपत्ति पकेगी।
9
यदि दाख के तोड़नेवाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं कहीं दाख न छोड़ जाते? और यदि चोर रात को आते तो क्या वे जितना चाहते उतना धन लूटकर न ले जाते?
10
क्योंकि मैं ने एसाव को उधारा है, मैं ने उसके छिपके के स्यानोंको प्रगट किया है; यहां तक कि वह छिप न सका। उसके वंश और भाई और पड़ोसी सब नाश हो गए हैं और उसका अन्त हो गया।
11
अपके अनाय बालकोंको छोड़ जाओ, मैं उनको जिलाऊंगा; और तुम्हारी विधवाएं मुझ पर भरोसा रखें।
12
क्योंकि यहोवा योंकहता है, देखो, जो इसके योग्य न थे कि कटोरे में से पीएं, उनको तो निश्चय पीना पकेगा, फिर क्या तू किसी प्रकार से निदॉष ठहरकर बच जाएगा? तू निदॉष ठहरकर न बचेगा, तुझे अवश्य ही पीना पकेगा।
13
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, मैं ने अपक्की सौगन्ध खाई है, कि बोस्रा ऐसा उजड़ जाएगा कि लोग चकित होंगे, और उसकी उपमा देकर निन्दा किया करेंगे और शाप दिया करेंगे; और उसके सारे गांव सदा के लिथे उजाड़ हो जाएंगे।
14
मैं ने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, वरन जाति जाति में यह कहने को एक दूत भी भेजा गया है, इकट्ठे होकर एदोम पर चढ़ाई करो; और उस से लड़ने के लिथे उठो।
15
क्योंकि मैं ने तुझे जातियोंमें छोटा, और मनुष्योंमें तुच्छ कर दिया है।
16
हे चट्टान की दरारोंमें बसे हुए, हे पहाड़ी की चोटी पर किला बनानेवाले ! तेरे भयानक रूप और मन के अभिमान ने तुझे धोखा दिया है। चाहे तू उकाब की नाई। अपना बसेरा ऊंचे स्यान पर बनाए, तौभी मैं वहां से तुझे उतार लाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
17
एदोम यहां तक उजड़ जाएगा कि जो कोई उसके पास से चले वह चकित होगा, और उसके सारे दु:खोंपर ताली बजाएगा।
18
यहोवा का यह वचन है, कि जैसी सदोम बौर अमोरा और उनके आस पास के नगरोंके उलट जाने से उनकी दशा हुई यी, वैसी ही उसकी दशा होगी, वहां न कोई मनुष्य रहेगा, और न कोई आदमी उस में टिकेगा।
19
देखो, वह सिंह की नाई यरदन के आस पास के घने जंगलोंसे सदा की चराई पर चढ़ेगा, और मैं उनको उसके साम्हने से फट भगा दूंगा; तब जिसको मैं चुन लूं, उसको उन पर अधिक्कारनेी ठहराऊंगा। मेरे तुल्य कौन है? और कौन मुझ पर मुक़द्दमा चलाएगा? वह चरवाहा कहां है जो मेरा साम्हना कर सकेगा?
20
देखो, यहोवा ने एदोम के विरुद्व क्या युक्ति की है; और तेमान के रहनेवालोंके विरुद्व कैसी कल्पना की है? निश्चय वह भेड़-बकरियोंके बच्चोंको घसीट ले जाएगा; वह चराई को भेड़-बकरियोंसे निश्चय खाली कर देगा।
21
उनके गिरने के शब्द से पृय्वी कांप उठेगी; और ऐसी चिल्लाहट मचेगी जो लाल समुद्र तक सुनाई पकेगी।
22
देखो, वह उकाब की नाई निकलकर उड़ आएगा, ओर बोस्रा पर अपके पंख फैलाएगा, और उस दिन एदोमी शूरवीरोंका मन जच्चा स्त्री का सा हो जाएगा।
23
दमिश्क के विषय, हमात और अर्पद की आश टूटी है, क्योंकि उन्होंने बुरा समाचार सुना है, वे गल गए हैं; समुद्र पर चिन्ता है, वह शान्त नहीं हो सकता।
24
दमिश्क बलहीन होकर भागने को फिरती है, परन्तु कंपकंपी ने उसे पकड़ा है, जच्चा की सी पीडें उसे उठी हैं।
25
हाथ, वह नगर, वह प्रशंसा योग्य पुरी, जो मेरे हर्ष का कारण है, वह छोड़ा जाएगा !
26
सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, कि उसके जवान चौकोंमें गिराए जाएंगे, और सब योद्वाओं का बोलना बन्द हो जाएगा।
27
और मैं दमिश्क की शहरपनाह में आग लगाऊंगा जिस से बेन्हदद के राजभवन भस्म हो जाएंगे।
28
केदार और हासोर के राज्योंके विषय जिन्हें बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने मार लिया। यहोवा योंकहता है, उठकर केदार पर चढ़ाई करो ! पूरबियोंको नाश करो !
29
वे उनके डेरे और भेड़-बकरियां ले जाएंगे, उनके तम्बू और सब बरतन उठाकर ऊंटोंको भी हांक ले जाएंगे, और उन लोगोंसे पुकारके कहेंगे, चारोंओर भय ही भय है।
30
यहोवा की यह वाणी है, हे हासोर के रहनेवालो भागो ! दूर दूर मारे मारे फिरो, कहीं जाकर छिपके बसो। क्योंकि बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने तुम्हारे विरुद्व युक्ति और कल्पना की है।
31
यहोवा की यह वाणी है, उठकर उस चैन से रहनेवाली जाति के लोगोंपर चढ़ाई करो, जो निडर रहते हैं, और बिना किवाड़ और बेण्डे के योंहो बसे हुए हैं।
32
उनके ऊंट और अनगिनित गाय-बैल और भेड़-बकरियां लूट में जाएंगी, क्योंकि मैं उनके गाल के बाल मुंड़ानेवालोंको उडाकर सब दिशाओं में तितर-बितर करूंगा; और चारोंओर से उन पर विपत्ति लाकर डालूंगा, यहोव की यह वाणी है।
33
हासोर गीदड़ोंका वासस्यान होगा और सदा के लिथे उजाड़ हो जाएगा, वहां न कोई मनुष्य रहेगा, और न कोई आदमी उस में टिकेगा।
34
यहूदा के राजा सिदकिय्याह के राज्य के आरम्भ में यहोवा का यह वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास एलाम के विषय पहुंचा।
35
सेनाओं का यहोवा योंकहता है, कि मैं एलाम के धनुष को जो उनके पराक्रम का मुख्य कारण है, तोड़ूंगा;
36
और मैं आकाश के चारोंओर से वायु बहाकर उन्हें चारोंदिशाओं की ओर यहां तक तितर-बितर करूंगा, कि ऐसी कोई जाति न रहेगी जिस में एलामी भागते हुए न आएं।
37
मैं एलाम को उनके शत्रुओं और उनके प्राण के खोजियोंके साम्हने विस्मित करूंगा, और उन पर अपना कोप भड़काकर विपत्ति डालूंगा। और यहोवा की यह वाणी है, कि तलवार को उन पर चलवाते चलवाते मैं उनका अन्त कर डालूंगा;
38
और मैं एलाम में अपना सिंहासन रखकर उनके राजा और हाकिमोंको नाश करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
39
परन्तु यहोवा की यह भी वाणी है, कि अन्त के दिनोंमें मैं एलाम को बंधुआई से लौटा ले आऊंगा।
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